क्रिकेट में DRS कैसे काम करता है
DRS यानी Decision Review System अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गलत निर्णयों को सुधारने का अधिकृत तरीका है। प्रत्येक पारी में टीम को सीमित समीक्षाएँ मिलती हैं — टेस्ट में दो और सीमित ओवर क्रिकेट में एक। समीक्षा माँगने पर थर्ड अंपायर हॉक-आई, अल्ट्राएज, बॉल-ट्रैकिंग और हॉट-स्पॉट जैसी तकनीकों की मदद से निर्णय की जाँच करता है। अगर मैदानी अंपायर का फैसला गलत पाया
जाए तो वह पलटा जाता है और समीक्षा बनी रहती है। कानपुर जैसे शहरों में बैठे क्रिकेट के जानकार इस पूरी प्रक्रिया को puntit पर विस्तार से समझ सकते हैं। वास्तविक धन वाला गेमिंग यहाँ उपलब्ध नहीं है।